Sunday, January 26, 2020

Sutra Neti Kriya Under Shatkarm/Hathyog


सूत्रनेति क्या है ?

‘नेति’ हठयोग की क्रिया है जो श्वास मार्ग की सफाई से संबंधित है। इसमें गले की सफाई होती है। प्राणायाम का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए पहले नेति क्रिया करनी चाहिए ताकि श्वास नली सही तरीके से साफ हो जाए।

सूत्रनेति के लाभ

सूत्रनेति के फायदे को हठप्रदीपिका में बहुत सटीक तरह से समझाया गया है।

कपालशोधनी चैव दिव्यदृष्टिप्रदायिनी।
जत्रूर्ध्वजातरोगौधं नेतिराशु निहन्ति च।। – ह.प्र. 2/30

नेति क्रिया मस्तिष्क की कोशिकाओं को साफ करती है, दिव्य दृष्टि प्रदान करती है तथा शरीर के ऊपरी भाग से सभी रोगों का नाश करती है।

इसके इलावे इसके कुछ महत्वपूर्ण फायदे को नीचे बताया गया है।

1-बलगम दूर करना: नेति क्रिया से नासिका मार्ग में जमा हुआ हानिकारक बलगम दूर होता है तथा श्लेष्मा झिल्ली स्वस्थ होती है।

2-श्वसन अवरोध दूर करना: नेति की क्रिया से श्वसन प्रणाली के अवरोध दूर होते हैं और वह ठीक से कार्य करती है।

3-आँख के लिए: यह आँख के लिए बहुत फायदेमंद है और अश्रु ग्रंथियों के कार्य में सुधार करती है।

4-सिर तंत्रिकाओं के लिए: सूत्रनेति तंत्रिकाओं को सक्रिय करती है तथा इसके कार्य में स्फूर्ति लेकर आता है।

5-मस्तिष्क: मस्तिष्क के घ्राण क्षेत्र के कार्य में सुधार करती है।

6-साइनस: इससे झिल्लियों एवं साइनस ग्रंथियों की मालिश होती है और साइनस को कम करने में मदद मिलती है।

7-विषाणुओं: यह विषाणुओं के आक्रमण का प्रतिरोध बढ़ाती है।

8-सूखे बलगम : सूत्रनेति जमा हुए सूखे बलगम एवं बाहरी कणों को दूर करती है तथा खून का रुकने में मदद करती है।

9-आज्ञाचक्र को सक्रिय: सूक्ष्म स्तर पर नेति की क्रिया कोशाओं के साथ मिलकर मस्तिष्क के मध्य में मनोसंवेदी केंद्र आज्ञाचक्र को सक्रिय करती है।